भारत की ज्ञान-परम्परा को समझने के लिए “किताब” शब्द को उसके आधुनिक, सीमित अर्थ में लेना एक बड़ी भूल होगी। भारत में ग्रंथ केवल सूचना-संग्रह नहीं रहे, बल्कि वे स्मृति, साधना और परम्परा के वाहक रहे हैं। इस लेख में हम ताड़पत्र, भोजपत्र, काग़ज़, प्रिंटेड पुस्तक और डिजिटल ग्रंथ—इन सभी माध्यमों को एक साथ रखकर, […]
